आध्यात्मिक शिक्षण को कैसे समझें नयास्वामी देवर्षि जी द्वारा “हमारा पूर्वाग्रह यह सोचना है कि हम किसी चीज़ को केवल सोच-समझकर, बौद्धिकता से ही समझ सकते हैं। बेशक यह सच नहीं है। हम किसी चीज़ को केवल भीतर से, अंतर्ज्ञान से ही समझ सकते हैं। आप इसे केवल तर्क से कभी नहीं समझ पाएंगे।” ~ स्वामी क्रियानंद 1977 में आनंद … Read More








